Health

आपकी जीभ पर भी है ये सफेदी तो हो जाएं सावधान,इस बीमारी के लिए रहें तैयार!

जीभ पर जमती है सफेद परत, तो इस बीमारी के लिए रहें तैयार!

जीभ की सफाई से आपका संपूर्ण स्वास्थ्य जुड़ा हुआ है। दरअसल हमारी जीभ का रंग देखकर हमारे स्वास्थ्य के बारे में बहुत कुछ बताया सकता है। अलग-अलग बीमारियों के लक्षणों के साथ हमारे जीभ का रंग भी बदलता रहता है। आप भी अपनी जबान का रंग देखकर रोगों के बारे में जानकारी ले सकते हैं।

सफेद छाले या लाल घाव :

अगर जीभ पर सफेद छाले हो गए हैं या गहरे लाल रंग के छोटे-छोटे घाव दिख रहे हैं तो ये पेट की गड़बड़ी का संकेत है। हमारी जबान का सीधा संबंध हमारे पेट से है इसलिए पाचन की गड़बड़ी का परिणाम कई बार हमारे जीभ पर लाल और सफेद छालों के रूप में दिखता है। इसके अलावा ये हार्पीज नाम की गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। इसलिए अगर ये छाले सामान्य उपचार से या अपने से एक सप्ताह तक ठीक नहीं हो रहे हैं तो डॉक्टर से संपर्क करें।

सफेद पर्त आ जाना :

जीभ पर सफेद रंग की झीनी पर्त आम बात है और ये जीभ के स्वस्थ होने का लक्षण है। ये एक तरह की फफूंद होती है जिसे कैंडिडा कहते हैं और इससे जबान को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है। लेकिन अगर ये रंग हल्का पीला हो जाए या इसकी पर्त मोटी हो जाए तो ये यीस्ट इंफेक्शन के लक्षण हैं। जोकि जानलेवा भी हो सकती है।

इसमें कैंडिडा ज्यादा मात्रा में प्रोड्यूस हो जाती है। कई बार एंटीबॉयोटिक दवाओं के ज्यादा इस्तेमाल से भी जबान पर ये पर्त जमने लगती है। असल में एंटीबायोटिक दवाओं से बैक्टीरिया मर जाते हैं लेकिन यीस्ट रह जाते हैं और वो शरीर में बैक्टीरिया की जगह लेने लगते हैं इसलिए ये पर्त जबान पर आ जाती है। कई बार ये इम्यून सिस्टम की कमजोरी से भी होता है।

लाल रंग के छाले जैसे उभार :

जीभ के नीचे या ऊपर लाल रंग के उभार कैंसर का संकेत हो सकते हैं। इन उभारों की शक्ल जबान पर होने वाले छालों जैसी ही होती है लेकिन ये उनसे थोड़ा बड़े होते हैं। इसके अलावा मुंह से सामान्य छाले ज्यादा से ज्यादा दो सप्ताह में खुद ही ठीक हो जाते हैं। अगर ये छालेनुमा उभार दो सप्ताह तक नहीं ठीक होते तो आपको बिना देरी किये डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। कई बार इन उभारों में आपको दर्द या कोई अन्य समस्या नहीं होती है फिर भी डॉक्टर से संपर्क करें। कई बार कैंसर जैसे गंभीर रोग शुरुआती स्टेज में शारीरिक तकलीफ नहीं देते हैं।

जीभ का ज्यादा लाल या मुलायम हो जाना :

अगर आप की जबान का रंग गहरा लाल( स्ट्रॉबेरी रेड) हो गया है या ये बहुत मुलायम महसूस हो रही है, तो ये शरीर में विटामिन बी12 या आयरन की कमी का संकेत है। ऐसी स्थिति में कई बार गरम लिक्विड पीने या नमक, मिर्च वाला खाना खाने से मुंह में तेज दर्द होता है। वेजिटेरियन लोगों में अक्सर विटामिन बी12 की कमी होती है क्योंकि ये ज्यादातर मांस में पाया जाता है।

जीभ पर भूरी या हल्की काले रेशे सा बन जाना : 

जीभ पर भूरे या काले रेशे देखने में जरूर खराब लगते हैं या ये किसी गंभीर बीमारी का संकेत लग सकते हैं लेकिन डॉक्टरों के अनुसार इसमें कोई चिंता की बात नहीं है। असल में हमारी जीभ पर छोटे-छोटे उभार होते हैं जिन्हें पैपिला कहा जाता है। आमतौर पर ये खाना चबाने या पानी पीने के दौरान टूटते रहते हैं इसलिए हमें पता नहीं चलता है। लेकिन कई बार ये उभार उम्र के साथ बढ़ते जाते हैं। इन्हीं पर बैक्टीरिया जम जाने के कारण जीभ का रंग भूरा या काला दिखने लगता है। इससे शरीर को कोई गंभीर नुक्सान तो नहीं होता लेकिन कई बार इसकी वजह से सांसों से बदबू आने लगती है या खानों का स्वाद कम मिल पाता है। इसे न जमने देने के लिए आपको रोज ब्रश से दांत साफ करने के साथ-साथ टंग क्लीनर से जीभ भी साफ करनी चाहिए।

आप घर में कुछ आसान उपाय अपनाकर जीभ पर जमी सफेद परत को साफ कर सकते हैं।

1जरूरी है जीभ की सफाई

मुंह की सफाई के नाम पर आमतौर पर लोग दांतों की सफाई कर लेते हैं। लेकिन मुंह के अंदर ही मौजूद जीभ की ओर ध्यान नहीं देते। नतीजतन, हमारा मुंह अस्वस्छ रह जाता है। आपके लिए जरूरी है कि आपको मालूम हो कि जीभ की सफाई किस तरह से की जानी चाहिए क्योंकि जीभ पर कई तरह के बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं। जीभ के ऊपर एक सफेद परत जैसी जम जाती है। जीभ की गंदगी से दांतों में खराबी होती है और सांसों से बदबू आती है। जीभ को साफ करना बहुत आसान काम है। आइये जानते हैं कि किन घरेलू उपायों से आप अपनी जीभ की सफाई कर सकते हैं।

नमक : नमक जीभ की सफाई के लिए एक प्राकृतिक स्क्रब है। अपनी जीभ पर छोड़ा सफेद नमक छिड़कें, और फिर साफ टूथब्रश से स्क्रब करें। ध्यान रखें की टूथब्रथ मुलायम होना चाहिए। कड़े रेशों से जीभ में दर्द व छाले हो सकते हैं। इस विधि से एक हफ्ते में जीभ से सफेद परत साफ हो सकती है।

टूथब्रश : टूथब्रश जीभ की सफाई के लिए आसान घरेलू उपाय है। कुछ टूथब्रश दो उद्देश्यों के साथ आते हैं। आगे के हिस्से से दांतों की सफाई और पीछे के हिस्से से जीभ की सफाई। हर बार ब्रश कर लेने के बाद, टूथब्रश के पीछे के हिस्से को हल्के दबाव के साथ जीभ पर रगड़ें। तकरीबन एक से दो मिनट तक इस प्रक्रिया को करना चाहिए। ध्यान रहे, कम दबाव के साथ ही ऐसा करें, अन्यथा जीभ छिल सकती है।

माउथवॉश : खाना खाने के बाद खाने के कुछ अंश जीभ पर ही रह जाते हैं। पानी इन्हें साफ नहीं कर पाता। यही फिर आगे चलकर सफेद परत में तब्दील हो जाते हैं। इसलिए, खाना खाने के बाद माउथवॉश का इस्तेमाल करें। इससे जीभ पर खाने के अंश और बैक्टीरिया जमा नहीं हो पाएगा। इसके साथ ही, नियमित रूप से माउथवॉश के इस्तेमाल से सांसों की बदबू की समस्या से भी छुटकारा मिल जाएगा।

बेकिंग सोडा में नींबू की कुछ बूंदे मिलाएं। इसका पेस्ट बनाएं। इस पेस्ट को जीभ पर उंगली की मदद से लाएं। कुछ देर में कुल्ला कर लें। जीभ पर जमी सफेद परत हटाने का ये बेजोड़ तरीका है। साथ ही, इससे दांत भी चमकने लगते हैं।

नमक का पानी : मुंह को नमक के पानी से धोकर भी साफ रखा जा सकता है। इसके लिए आधे ग्लास गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक डालें। इस पानी से अपने मुंह को दिन में 5-6 बार धोएं। ऐसा नियमित तौर पर करते रहने से जीभ पर जमी सफेद परत धीरे धीरे साफ हो जाती है।

दही: दही प्रो-बायोटिक होती है। इस तरह की चीज़ें कैंडिड फंगस को खत्म करती हैं। जीभ पर जमी सफेद परत कैंडिड फंगस के कारण ही होती है। इसलिए दही के प्रयोग से जीभ की सफाई की जा सकती है।

हल्दी:  हल्दी एक ऐसा मसाला है जिससे जीभ की सफेद परत का इलाज किया जा सकता है। इसके लिए हल्दी पाउडर में थोड़ा सा नींबू का रस मिला लें। इस पेस्ट को जीभ पर मलें। उंगली सी मसाज जैसी करें। कुछ देर मसाज करने के बाद गुनगुने पानी से कुल्ला कर लें। इस विधि से जीभ की सफेद परत काफी जल्दी ठीक हो जाती है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close