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‘AAP’ का अस्तित्व मिटने की कागार पर , सामने आई केजरीवाल की सच्चाई’

'विधानसभा चुनाव से पहले मिट जाएगा 'AAP' का अस्तित्व

नई दिल्ली आशुतोष के बाद आशीष खेतान के आम आदमी पार्टी (आप) छोड़ने पर भाजपा ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तंज कसा है। उसका कहना है कि अब केजरीवाल का करिश्मा समाप्त होने लगा है, इसलिए ‘आप’ के नेता उन्हें छोड़कर जाने लगे हैं। अब सिर्फ चापलूस लोगों की फौज उनके साथ रह गई है। यही स्थिति रही तो अगले विधानसभा चुनाव के पहले ही पार्टी का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।

 मुखिया की सच्चाई सामने आ गई है 

भाजपा का कहना है कि ‘आप’ मुखिया ने निहित स्वार्थ और सत्ता के चलते विभिन्न विचारधारा वाले राजनीतिक महत्वाकाक्षियों का एक जमावड़ा जमाया, जो वक्त के साथ-साथ एक अखाड़े में बदल गया। ‘आप’ के जमावड़े में शामिल सदस्य अपने मुखिया की सच्चाई जान गए हैं, इसलिए पार्टी बिखर रही है। बहुत जल्द यह पार्टी एक इतिहास बन जाएगी।

‘आप’ का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा

पार्टी के नेताओं का कहना है कि कई संस्थापक सदस्यों के बाद खेतान और आशुतोष के इस्तीफे से यह स्पष्ट है कि केजरीवाल तुगलकी तानाशाह हैं, जो मत भिन्नता को सहन नहीं कर पाते। दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी कहते हैं कि अगले विधानसभा चुनाव से पहले ‘आप’ का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। ‘आप’ मुखिया की सच्चाई जानने के बाद एक-एक करके सभी नेता पार्टी से किनारा कर रहे हैं।

कहीं केजरीवाल की विदाई न हो जाए

प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर का कहना है कि फर्जी सर्वे के आधार पर मुख्यमंत्री लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने का सपना देख रहे थे, लेकिन उनके अपने साथी ही उन्हें छोड़कर जा रहे हैं। कहीं लोकसभा चुनाव से पहले केजरीवाल की विदाई न हो जाए।

प्रतिक्रिया

अरविंद केजरीवाल का करिश्मा धीरे-धीरे न सिर्फ दिल्ली की जनता बल्कि उनकी पार्टी के नेताओं के बीच भी समाप्त हो रहा है। अब तो ऐसा लगता है कि 2020 के विधानसभा चुनाव आते-आते केजरीवाल का दल राजनीतिक क्षितिज से लुप्त हो जाएगा। -मनोज तिवारी, दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष

आम आदमी पार्टी की न तो कोई विचारधारा है और न ही यह कोई संगठन है। चापलूस ब्रिगेड के अलावा अन्य सभी लोग इससे किनारा कर लिए हैं। लोग केजरीवाल से जानना चाहते हैं कि उनके किचन कैबिनेट में शामिल आशुतोष व खेतान ने उन्हें क्यों छोड़ दिया? -विजेंद्र गुप्ता, दिल्ली विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष

आप और हम की बात करने वाली पार्टी में मैं के चलते लोग एक-एक करके साथ छोड़ रहे हैं। जो राजनीति बदलने की बात करते थे उन्हें पहले तानाशाही तरीके में बदलाव लाना होगा। मनजिंदर सिंह सिरसा, अकाली-भाजपा गठबंधन के विधायक

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