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नेहरू से जुड़ी 10 अनसुनी बातें, जो शायद आप नहीं जानते

 भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की आज (27 मई) 55वीं पुण्यतिथि है।  इस मौके पर कांग्रेस के सभी शीर्ष नेताओं समेत पीएम नरेंद्र मोदी ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर हम आपको उनसे जुड़़ी कुछ खास बातें शेयर कर रहे हैं। पंडित नेहरू को आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री के तौर पर ही नहीं बल्कि उन्हें बच्चों के चाचा नेहरू के तौर पर भी जाना जाता है। इसलिए उनके जयंती को बाल दिवस भी कहा जाता है। चाचा नेहरू का जन्म 14 नंवबर को उतर प्रदेश के इलाहाबाद में  हुआ था। 

पढि़ए चाचा नेहरू से जुड़ी कुछ अनसुनी बातें

1. जवाहर लाल नेहरू लाल किले पर तिरंगा फहराने वाले पहले शख्स थे। उनका लालन पालन गांव में ही हुआ, शुरू से इंग्लिश स्कूल में पढ़ाई की। वे हिंदी सीखने के लिए गांव में घुमते थे और लोगों के बीच में बैठकर हिंदी का ज्ञान लेते थे। नेहरू जी के कपड़े लंदन में धुलने के लिए जाते थे। उनके नाम पर जवाहरलाल नहेरू विश्वविद्यायल भी है ।

2. कहा जाता है कि चंद्र शेखर आजाद ने रूस जाने  के लिए जवाहर लाल नेहरू से 1200 रुपए उधार लिए थे। वही जवाहर लाल नेहरु ने कम से कम 20 साल तक सुभाष चंद्र बोस के परिवार पर जासूसी कारवाई की थी। यह तक की  उन्होंने सरदार पटेल को अंधेरे में रखकर कश्मीर की धारा 370 तैयार करवाई थी। 

3. जवाहरलाल नेहरू पर 4 बार जानलेवा हमला हुआ था। पहली बार 1947 में बंटवारे के दौरान उन पर हमला किया गया था।  इसके बाद 1955 में महाराष्ट्र में चाकू से उन पर हमला किया गया था। वही 1956 में बम से रेल की पटरी उडऩे की कोशिश भी नाकामयाब रही।

4. चाचा नेहरू हमेशा से ही दरिया दिल रहे, फरवरी 1950, में राजस्थान में जवाहर लाल नेहरू के स्वागत में हरी सब्जियों को सजाया गया था। जिसे देखकर नाराज हुए नेहरू जी ने उन सब्जियों को गरीबों में बंटवा दिया था। वहीं जवाहर लाल नेहरु एक बार लंदन जाने वाले थे। उनके नाई ने उनसे कहा मेरे पास घड़ी नहीं है इसलिए मुझे आने में देरी होती है। जिसके बाद नेहरू जी ने अपने नाई को लंदन से एक अच्छी घड़ी लाकर दी।

5. गो हत्या का विवाद आज से नहीं है बल्कि नेहरू जी के टाइम में भी था। एक बार संसद में गो हत्या का प्रस्ताव रखा गया था।  जिस पर जवाहर लाल नेहरू ने कहा था कि अगर गो हत्या का प्रस्ताव परित होता है तो मैं अपने पद से इस्तीफा दे दूंगा।

6. जवाहर लाल नेहरू हमेशा से ही गांधी जी के साथ मिलकर भारत को आजाद करने के लिए लड़ते रहे और स्वतंत्रता के बाद भी 1964 में अपनी मृत्यु तक देश की सेवा में लगे रहे।

7. 1941 में जब गांधी जी ने नेहरु जी को एक बुद्धिमान और सफल नेता का दर्जा दिया था। इसलिए आजादी के बाद उन्हें स्वतंत्र भारत को प्रधानमंत्री चुना गया

8. 9 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन में नेहरु जी को बंबई में गिरफ्तार कर अहमदबाद जेल भेज दिया गया, तीन साल बाद 15 जून 1945 को रिहा कर दिया गया।

9. नेहरु जी  अपने जीवन में 9 बार जेल गए। वे विश्व भ्रमण भी किए, उन्हे आज भी अंतराष्ट्रीय नायक के रुप में जाना जाता है। 1945 में भारत रत्न से सम्मानित हुए नेहरू जी ने तटस्थ राष्ट्रों को संगठित कर उनका नेतृत्व किया था।

10. 1951, 1957 और 1962 के चुनावों में उन्होंने जीत हासिल की। उनके अंतिम वर्षो में राजनीतिक दबाव (1962 के सीनों – भारत युद्ध में असफलता) के बावजूद वे हमेशा से ही भारतीयों के दिल में रहे । जिसकी वजह से ही आज भी उनका जन्म दिन बालदिवस के रुप में मनाया जाता है। 

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